CBSE: क्या है साइबर सिक्यॉरिटी हैंडबुक? जानें

कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन से हर क्षेत्र में बदलाव आया है। शिक्षा में भी। अब शिक्षा में ऑनलाइन माध्यम लोकप्रिय हो रहा है। इसके साथ ही छात्रों के लिए साइबर सिक्यॉरिटी चिंता की एक बड़ी वजह बन गई है। छात्रों को ऑनलाइन खतरों से आगाह करने और उनको सुरक्षित रखने के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंड्री एजुकेशन (सीबीएसई) ने हाल ही में साइबर पीस फाउंडेशन के साथ मिलकर साइबर सेफ्टी हैंडबुक लॉन्च किया है।

दुनिया को कोरोनावायरस की चपेट में आने से काफी पहले मई 2019 में ही हैंडबुक तैयार करने को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। इस हैंडबुक में 98 पेज है। इसमें ऑनलाइन धमकी, भावनात्मक उत्पीड़न, ऑनलाइन यौन उत्पीड़न, साइबर चरमपंथ, ऑनलाइन धोखा और लालच समेत साइबरबुलिंग पर मॉड्युल हैं।

सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने बताया, ‘हैंडबुक को बोर्ड से संबद्ध करीब 22,000 स्कूलों को भेजा गया है और उम्मीद है कि यह इन स्कूलों में नामित 2 करोड़ से ज्यादा छात्रों को प्रभावित करेगी।’

इस हैंडबुक में छात्रों को डिजिटल नागरिकता के नौ अहम पहलुं जैसे डिजिटल पहुंच, साक्षरता, संचार, शिष्टाचार, स्वास्थ्य एवं कल्याण, अधिकार, स्वतंत्रता और जिम्मेदारी, सुरक्षा एवं कानून से अवगत कराया जाएगा।

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