लॉकडाउन के कारण घर पहुंचे बच्चे जिले में ही दे सकेंगे 10-12वीं की परीक्षा, स्कूल को तुरंत देनी होगी जानकारी

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार को सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वींपरीक्षाओं के सेंटर से जुड़ी बड़ी राहत की घोषणा की। निशंक ने ट्वीट करके कहा कि कोरोना संकट के कारण जो बच्चे अपने गृह प्रदेश चले गए हैं और अपने बोर्ड परीक्षा के सेंटर वाले जिले में नहीं हैं ऐसे छात्र-छात्राएं बोर्ड परीक्षा अपने गृह जिले में ही दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने स्कूल को जिले और करीब के सेंटर की जानकारी देनी होगी।

CBSE बोर्ड की परीक्षाएं 1 से 15 जुलाई 2020 के बीच आयोजित की जाएंगी।केंद्रीय मंत्री निशंक ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

जून के पहले सप्ताह में सेंटर पता चलेगा
निशंक ने कहा कि बच्चों की परेशानी को देखते हुए ये फैसला किया गया है। अब बच्चों को चाहिए कि वे जल्दी से जल्दी अपने स्कूल से सम्पर्क करके उन्हें अपने गृह जिले के बारे में यह बताएं कि आप वहीं रहकर बाकी के पेपर्स देना चाहते हैं। स्कूल और विभाग इसकी पूरी व्यवस्था करके जून के प्रथम सप्ताह तक बच्चों को सेंटर की जानकारी दे देंगे।

29 विषयों की परीक्षाएं बाकी हैं

कोरोना लॉकडाउन के कारण सीबीएसई ने 83 विषयों की परीक्षाएं रोक दी थीं। इसके बादबोर्ड ने बड़ा फैसला लेते हुए कहाकि इन 83 विषयों में से 29 विषयोंकी ही परीक्षाएं होंगी।ये वही विषय होंगे, जो अगली क्लास में जाने के लिए जरूरी हैं।

एडमिट कार्ड भी नहीं बदलेंगे
सीबीएसई के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एडमिट कार्ड वही रहेंगे। कारण, अब अलग-अलग स्टूडेंट्स के अलग-अलग पेपर हैं और हर पेपर में स्टूडेंट्स की संख्या भी कम है। अधिकतरस्टूडेंट्स के हिंदी कोर, हिंदी इलेक्टिव जैसे पेपर शेष रहे हैं। मेन स्ट्रीम के पेपर पूरे हो चुके हैं। वहीं, कॉमर्स साइड का एक पेपर बिजनेस स्टडीज का बचा है।

होम साइंस, भूगोल और बायो टेक्नोलॉजी के साथ ही आईटी के कुछ पेपर हैं। ये ऐसे पेपर हैं, जिनमें स्टूडेंट्स की संख्या बहुत ज्यादा नहीं होती। उत्तर पूर्वी दिल्ली को छोड़कर बाकी इंडिया में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, लिट्रेचर सहित विभिन्न मेन स्ट्रीम के पेपर हो चुके हैं।

फिजिकल डिस्टेंसिंग का रखा जाएगा ख्याल

परीक्षा केंद्रों पर सीबीएसई कोशिश कर रहा है कि स्टूडेंट्स के बीच फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन रखी जाए। 12वीं के जो पेपर शेष रहे हैं, उनमें स्टूडेंट्स कम हैं। सीबीएसई की डेटशीट में भी यह कोशिश की गई है कि एक दिन एक ही विषय का पेपर हो। ऐसे में स्टूडेंट्स की संख्या कम होने पर फिजिकल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने के लिए परीक्षा केंद्र पर अन्य कक्षों में भी स्टूडेंटस को शिफ्ट किया जा सकता है।

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HRD Minister has announced that the students who have shifted to their home towns or other districts can now appear for the pendng board exams from that district.

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